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जी लेता द्रौपदी बंदर ओ साथी मेरे का ओ नारी अगर तुमको रहना हुआ मुश्किल तुम्हारे बिना अरे तो बनाईये ज़ल्दी जी मेरी मम्मी जी साथ शेरनी मन है विश्वास मुझ पर

Hindi एन जी ओ Poems